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ZINDAGI
by Nawal Kishore Sharma
· ISBN MANUAL-1784395713083
Description
मैंने अपने इस कविता संग्रह में आगे लिखा है कि मैं क्यों लिखता हूँ ? उसके बारे में आपको मेरी कविता से मेरे विचार पता लगेंगे। जब मुझे रातों को नींद नहीं आती, ना मैं इस पर लिखता हूँ, ना मैं उस पर लिखता हूँ, ना मैं दिल पर लिखता हूँ, ना मैं काले तिल पर लिखता हूँ । एक मुद्दत से तमन्ना थी कि मेरा यह स्वप्न साकार हो और आज मेरी रचनाएं इस पुस्तक “जिंदगी फिर भी तुझसे कहाँ बड़ा हूँ मैं” के रूप में प्रस्तुत करने जा रहा हूँ। इस पुस्तक में मेरी रचनाएं तीन भागों में हैं- पहला कविता, दूसरा-कोरोना की कविता और मुक्तक और तीसरा है मुक्तक और छंद।
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